26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के उत्साह के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। सुबह खिली धूप के बाद अब बादलों के जमावड़े ने ठंड और बारिश का संकेत दे दिया है। एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों में दस्तक दे चुका है, जिसका सीधा असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर पड़ने वाला है।
वर्तमान में उत्तर भारत के कई राज्य भीषण शीतलहर की चपेट में हैं। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है:
कल यानी 27 जनवरी को मौसम विशेषज्ञों ने भारी उथल-पुथल की संभावना जताई है:
बदलते मौसम और बारिश का यह दौर रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कड़ाके की ठंड और संभावित बारिश को देखते हुए स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना आवश्यक है। फसलों की सुरक्षा के लिए किसान भाई ओलावृष्टि की संभावना पर नजर रखें और जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह मौसम अपडेट वर्तमान सैटेलाइट तस्वीरों और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर आधारित है। मौसम की तात्कालिक जानकारी के लिए अपने स्थानीय मौसम केंद्र के बुलेटिन का पालन करें।