उत्तर और मध्य भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने वाला है। चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ और सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पहले से ही जारी कड़ाके की ठंड के बीच अब बारिश लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ 28 जनवरी से अपना असर दिखाना शुरू कर सकता है। इस तूफान के प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
मुख्य अपडेट:
मौसम विभाग का मानना है कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के बाद ही अच्छी धूप खिलेगी, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से वास्तविक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यह ठंड अभी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा में नमी बढ़ेगी, जिससे ठिठुरन वाली ठंड फरवरी और मार्च के महीने में भी रुक-रुक कर अपना असर दिखा सकती है।
भारी बारिश और तूफान की संभावना को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ का यह दोहरा प्रभाव सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकता है। सुरक्षित रहें और मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।